वैभव सूर्यवंशी का लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक, महज 29 गेंदों में 94 रन ठोक दिए
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाडिय़ां तत्काल मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पा लिया
कोलकाता। महानगर के प्रतिष्ठित और अति-सुरक्षित माने जाने वाले आवासीय परिसर अरबाना कॉम्प्लेक्स में बुधवार को लगी भीषण आग ने एक बार फिर शहरवासियों को दहशत में डाल दिया है। अरबाना के टावर नंबर 8 की पांचवीं मंजिल से अचानक धुआं और आग की लपटें उठती देख पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की दो गाडिय़ां तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया गया।
शुरुआती जांच में पता चला है कि आग लगने के तुरंत बाद परिसर के आंतरिक अग्नि-निर्वापण तंत्र ने काम करना शुरू कर दिया था, जिससे आग को और फैलने से रोकने में मदद मिली। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया और इस दुर्घटना में किसी के हताहत होने की कोई अप्रिय खबर नहीं है, जो प्रशासन और निवासियों के लिए बड़ी राहत की बात रही। हालांकि, इस आग की घटना ने स्थानीय लोगों और प्रशासन के उन जख्मों को फिर से हरा कर दिया है जो अभी तक पूरी तरह भरे भी नहीं थे। महज कुछ समय पहले 26 जनवरी को इसी आरबाना कॉम्प्लेक्स के ठीक पीछे स्थित आनंदपुर के नाजिराबाद इलाके के दो गोदामों में प्रलयंकारी आग लगी थी, जिसमें 30 से अधिक मजदूरों की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई थी। उस हृदयविदारक हादसे के बाद 27 लोगों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हुई थी, जिनमें से अब तक पुलिस केवल 18 शवों की ही पहचान कर पाई है। मृतकों में अधिकांश पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर और दक्षिण 24 परगना के गरीब श्रमिक शामिल थे। नाजिराबाद की उस भयावह त्रासदी के साये में दोबारा आग लगने की इस घटना ने ऊंची इमारतों और घनी आबादी वाले क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि आरबाना कॉम्प्लेक्स पिछले कुछ समय से लगातार विभिन्न हादसों के कारण सुर्खियों में बना हुआ है। पिछले वर्ष ही इस परिसर के टावर नंबर 4 की 19वीं मंजिल से गिरकर 44 वर्षीय महिला संचिता अग्रवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस जांच में मृतका के मानसिक अवसाद से जूझने की बात सामने आई थी, लेकिन उस घटना ने भी परिसर की सुरक्षा और निवासियों की सुरक्षा पर बहस छेड़ दी थी। अब एक के बाद एक आगजनी और मौत की इन घटनाओं ने कोलकाता के आलीशान आवासीय परिसरों के सुरक्षा प्रोटोकॉल और प्रबंधन की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। नाजिराबाद अग्निकांड के खौफ के बीच इस ताजा घटना ने स्वाभाविक रूप से समूचे क्षेत्र में चिंता और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है।